बलरामपुर पीएचसी मथुरा बाजार में बुधवार को ठेले पर आई प्रसूता को एएनएम ने बिना परीक्षण के ही भगा दिया। इस पर सीएचसी शिवपुरा जाते वक्त प्रसूता ने ठेले पर ही बच्ची को जन्म दिया। एएनएम द्वारा की गई अभद्रता से प्रसूता के परिवारीजनों में आक्रोश है।
ललिया के गोकुली निवासी चंद्रिका सोनकर ने बताया कि बुधवार को वह अपनी बहू रीता (30) को प्रसव पीड़ा होने पर ठेले पर लादकर पीएचसी मथुरा बाजार ले गए।
चंद्रिका का आरोप है कि पीएचसी में तैनात एएनएम शकुंतला ने प्रसूता रीता को अस्पताल गेट से ये कहकर भगा दिया कि उसे सीएचसी शिवपुरा ले जाओ, हम नहीं देखेंगे। चंद्रिका काफी देर तक शकुंतला से बहू का प्रसव कराने की मिन्नतें करता रहा लेकिन उसने एक न सुनी।
इस पर चंद्रिका आशा बहू गीता मिश्रा के साथ बहू को लेकर सीएचसी शिवपुरा के लिए चल दिए। अस्पताल से मात्र 200 मीटर दूर जाते ही रीता ने ठेले पर ही बच्ची को जन्म दिया।
सीएमओ डॉ. एसडी भारती का कहना है कि, पीएचसी मथुरा बाजार में बुधवार को एएनएम द्वारा प्रसूता को बिना देखे ही शिवपुरा सीएचसी रेफर करने का मामला संज्ञान में आया है। कार्रवाई की जाएगी। एएनएम का कहना है अस्पताल से भगाया नहीं है।