रायबरेली। उमस और गर्मी बढ़ने के साथ बिजली संकट गहराने लगा है। दिन में बिजली की आवाजाही और रात में अघोषित कटौती ने लोगों की नींद हराम कर दी है। बिजली के बिना व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। बिजली आपूर्ति में रोड़ा बन रहे जर्जर तारों को नहीं बदलवाया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। नगर क्षेत्र में 22 और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है। इसके विपरीत बमुश्किल से 12 घंटे ही मिल रही है। इसके बावजूद थोड़ी-थोड़ी देर पर फॉल्ट ठीक करने के नाम पर बिजली काट दी जाती है।
डलमऊ नगर पंचायत में शनिवार को 11 बजे बिजली गुल हो गई। इससे लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा। दोपहर बाद तीन बजे बिजली तो आई, उसके बाद आवाजाही लगी रही। सुधीर कुमार, संदीप मिश्रा, संदीप दीक्षित, नीलकमल ने बताया कि शाम को जिस समय कारोबार का समय रहता है, उस समय बिजली गुल हो जाती है। इससे व्यापारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। रात में कई घंटे की अघोषित कटौती हो जाती है। इससे घर की महिलाओं को कामकाज निपटाने में दिक्कत होती है। बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते। डलमऊ एक्सईएन मन्नू सिंह ने बताया कि लोकल स्तर पर बिजली कटौती नहीं की जाती है। ऊपर से जितनी बिजली मिल रही है, उतनी आपूर्ति की जाती है। शनिवार को डलमऊ फीडर का मेंटीनेंस चल रहा था। इस वजह से बिजली बंद थी।