सहकारी ग्राम्य विकास बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी की संपत्ति को कुर्क करने की तैयारी है।
घोटाले की जांच कर रही पुलिस को-ऑपरेटिव सेल यह कदम मुख्य आरोपी नवल किशोर के गिरफ्त में न आने पर उठाने जा रही है।
इसके लिए जांच एजेंसी अदालत से आरोपी को फरार घोषित कर उसकी संपत्ति कुर्क करने के लिए अनुमति मांगेगी।
इस मामले में पुलिस को-ऑपरेटिव सेल आरोपी को अभी तक इस वजह से गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।
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क्योंकि उसने अपनी गिरफ्तारी पर रोक के लिए अदालत से स्थगन आदेश हासिल किया हुआ था।
इसके बाद जब जांच एजेंसी ने घोटाले के आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की तब आरोपी का अरेस्ट स्टे भी खारिज हो गया था।
लेकिन जांच एजेंसी नवल किशोर को जब तक गिरफ्तार करने का कोई कदम उठाती, आरोपी ने फिर से अरेस्ट स्टे हासिल कर लिया था।
पिछले दिनों सर्वोच्च अदालत से नवल किशोर का अरेस्ट स्टे खारिज होने के आदेश के बाद पुलिस को-ऑपरेटिव सेल ने उच्च अदालत से आरोपी की गिरफ्तारी के लिए वारंट हासिल किया था।
जांच एजेंसी को अदालत से जो वारंट हासिल हुआ, उसमें एजेंसी को आरोपी को 12 नवंबर, 2013 तक गिरफ्तार करने का समय निर्धारित किया गया था।
जांच एजेंसी नवल किशोर के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उनकी तलाश की। इसमें पुलिस को फिलहाल कामयाबी हासिल नहीं हुई है।
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को-ऑपरेटिव सेल के कार्यवाहक एसपी एपी गंगवार ने बताया कि आरोपी की लगातार तलाश चल रही है, लेकिन वह भूमिगत हो गया है।
उन्होंने कहा कि अब अदालत से आरोपी की संपत्ति कुर्क करने की अनुमति ली जाएगी। इस अनुमति के साथ ही आरोपी फरार घोषित हो जाएगा।