लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्रा अंशिका गुप्ता के खुदकुशी करने के मामले में अब तक की जांच में ये लगभग साफ हो गया है कि जिस दोस्त से वह वीडियो कॉल पर बात कर रही थी उसी से हुए विवाद में उसने आत्मघाती कदम उठाया। विवाद की वजह क्या रही, ये अभी तक पता नहीं चल सका है। परिवार में छात्रा की आखिरी बातचीत उसके पिता से हुई थी। बृहस्पतिवार को मोर्चरी पहुंचे उसके पिता ने कहा कि मामले की जांच हो। बेटी के खुदकुशी करने का जो भी जिम्मेदार हो उस पर कार्रवाई हो।
प्रयागराज के अल्लापुर निवासी अशोक अग्रहरि की बेटी अंशिका (20) लविवि से बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स थर्ड ईयर की पढ़ाई कर रही थी। वह तिलक छात्रावास के एएफ-12 रूम नंबर में रहती थी। बुधवार शाम उसकी रूम मेट मार्केट गई थीं, तभी अंशिका ने फांसी लगा ली थी। फांसी लगाने से पहले वह वाराणसी निवासी अपने दोस्त से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। कॉल के दौरान ही अंशिका फंदे पर लटकी। बुधवार देर रात अंशिका के परिजन शहर पहुंचे। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम में हैंगिंग की पुष्टि हुई। परिजनों ने अभी तक पुलिस को तहरीर नहीं दी है। मगर पुलिस अपने स्तर से तफ्तीश कर रही है। जिसमें ये साफ हो गया कि सुसाइड से पहले अंशिका की वाराणसी निवासी दोस्त से वीडियो कॉल पर बात हो रही थी। पुलिस उस दोस्त की कॉल डिटेल भी खंगाल रही है। दोस्त से ही अंशिका की खुदकुशी की वजह पूछी जाएगी।
अंशिका के पिता अशोक एक निजी कंपनी में एकाउंटेंट हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात करीब नौ बजे उनकी अंशिका से फोन पर बात हुई थी। तब उसकी बातचीत से कुछ भी ऐसा नहीं लग रहा था कि वह किसी तरह से परेशान है या किसी से लड़ाई झगड़ा हुआ। सामान्य तरीके से बातचीत की थी। दूसरे दिन शाम को फोन पर बेटी की मौत की खबर मिली। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जरूरी है। जिससे सच सामने आए। जो भी दोषी हो उसे सजा मिले।
अंशिका के परिवार में पिता अशोक के अलावा मां प्रीति और दो बहने हैं। बड़ी बहन ज्योति की शादी हो चुकी है। उससे छोटी बहन मानसिक रूप से बीमार है। बेटी की मौत से मां सदमे में हैं। वह पूरी तरह खामोश हैं। मगर अशोक के मन में तमाम सवाल हैं। उनका कहना है कि अंशिका पढ़ने में बहुत अच्छी थी। अपनी ही फील्ड में वह कॅरिअर बनाना चाहती थी। आखिर खुदकुशी क्यों कर ली? वहीं जिस कमरे में खुदकुशी की उसे देखने के बाद उनका कहना था कि पंखा काफी ऊंचाई पर है, वहां तक वह कैसे पहुंची? ऐसे कई और सवाल उठाए।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने बैकुंठ धाम में ही अंशिका का अंतिम संस्कार कर दिया। अशोक ने बताया कि अभी तक उन्होंने तहरीर नहीं दी है। उधर एडीसीपी सेंट्रल मनीषा सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है। छात्राओं के बयान लिए गए हैं। जिससे छात्रा की आखिरी बातचीत हुई है, उससे संपर्क किया जा रहा है। जब घटना की सूचना पर पुलिस पहुंची थी तब इसी युवक से अंशिका के मोबाइल से वीडियो कॉल चल रही थी। जैसे ही तहरीर मिलेगी, मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।