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फेसबुक पर एक्टिव है लोगों से करोड़ों ठगने वाली पर पुलिस को नहीं आ रही नजर

Tue, 18 Oct 2016 06:21 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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डेमो
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प्लॉट के नाम लोगों के खून-पसीने की कमाई के एक करोड़ हड़पने की आरोपी पर विकास नगर पुलिस मेहरबान है। उजाला इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की डायरेक्टर रिचा वर्मा के खिलाफ 52 मुकदमे हैं।
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इसके बावजूद पुलिस उन्हें खोज नहीं पा रही हैं जबकि फेसबुक पर वह लगातार अपने जानने वालों से चैटिंग करती है। रिचा की कंपनी में सहयोगी रहे अनंत सिंह, गौरव शुक्ला, संदीप सिंह, स्वाति सिंह और अरुण कुमार उपाध्याय के खिलाफ भी कई एफआईआर हैं। यह भी खुलेआम घूम रहे हैं।

जबकि भविष्य में आशियाना पाने के सपना संजोकर गाढ़ी कमाई लगाने वाले पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं। गोमतीनगर के विनीतखंड निवासी अजय चौधरी ने हासेमऊ में 10000 स्क्वायर फीट का प्लॉट लेने के लिए कंपनी में साढ़े चार लाख रुपये जमा किए थे। प्लॉट तो मिला ही नहीं कंपनी से पैसा वापस मांगा तो सीएमडी सूर्यभान मिश्रा और एमडी जैकार मिश्रा व अन्य लोगों ने उल्टा धमकी देकर भगा दिया। 
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उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई फिर भी कुछ नहीं हुआ। यही स्थिति कल्याणपुर गुडंबा के कंचननगर मुहम्मदपुर खत्री निवासी संजय दत्त नौटियाल की भी है। उन्होंने 3000 स्क्वॉयर फीट के प्लॉट के लिए पांच लाख रुपये कंपनी के अकाउंट में जमा किए लेकिन एक इंच जमीन भी नहीं मिली। 
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सीएमडी ने र‌िचा के नाम से खरीदी थी लग्जरी कारें

डेमो प‌िक - फोटो : demo pic
आईजी के फालोअर संतोष उपाध्याय, राममनोहर लोहिया अस्पताल की चिकित्साधिकारी डॉ. अलका गुप्ता, इलाहाबाद के बिजनेसमैन केसी बाजपेयी, रामदास सोनकर जैसे 200 से ज्यादा लोगों से एक करोड़ रुपये से अधिक वसूलकर कंपनी भाग गई। 

ठगी के शिकार लोगों ने रिपोर्ट कराई तो पुलिस ने सीएमडी सूर्यभान मिश्रा और एमडी जैकार मिश्रा को अप्रैल में गिरफ्तार कर लिया। लेकिन कंपनी की डायरेक्टर रिचा वर्मा व अन्य आरोपियों को नहीं पकड़ा गया।

पीड़ितों का कहना है रिचा इंदिरानगर में अक्सर घूमती नजर आ जाती है। फेसबुक पर भी वह बराबर एक्टिव है। लेकिन पुलिस समझा रही है कि रिचा गायब है।

सीएमडी सूर्यभान मिश्रा ने रिचा के नाम से ही 12 लाख रुपये का लोन लेकर फार्च्यूनर कार खरीदी थी। पीड़ितों का कहना है कि रिचा सीएमडी की विश्वसनीय थी। उसने ठगी की रकम से लखनऊ हॉट नाम से रेस्टोरेंट की चेन शुरू की थी।

इसके अलावा कई प्रॉपर्टी भी खरीदी थी। सिर्फ रिचा को ही मालूम है कि सूर्यभान ने ठगी की रकम कहां इन्वेस्ट की। पीड़ितों के मुताबिक अगर पुलिस रिचा को गिरफ्तार करके पूछताछ करें तो उनकी रकम का काफी हिस्सा मिल सकता है। 

 
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