लखनऊ। पारा में महिला को गोली मारने के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। प्राॅपर्टी डीलर पति से विवाद होने के बाद महिला ने पारा थाने जाकर शिकायत की थी। तब उसका पति भी वहीं मौजूद था लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय महिला को टरका दिया था। यहां से जब सभी घर लौटे तो आरोपी ने पत्नी पर गोली दाग दी थी। घायल महिला के बेटे ने इसका खुलासा किया है।
पारा की न्यू कांशीराम काॅलोनी निवासी प्रॉपर्टी डीलर विमल यादव ने रविवार रात अपनी पत्नी सोनी जायसवाल (45) को गोली मार दी थी। ट्राॅमा सेंटर में भर्ती सोनी की हालत गंभीर है। इलाज चल रहा है। विमल के सौतेले बेटे अभिषेक ने बताया कि पिता विमल कुछ दिन पहले मां के जेवर लेकर चले गए थे। रविवार शाम इस बारे में सोनी को पता चला। तब उन्होंने विमल को फोन किया था। इस दौरान कहासुनी हुई थी।
विमल ने उनको तुरंत आलमबाग बुलाया था। सोनी के वहां पहुंचने पर उसने उनसे मारपीट की थी। वह शराब के नशे में धुत था। आलमबाग से लौटकर सोनी ने मायके वालों को बुलाया और पारा थाने पहुंचीं। विमल भी थाने पहुंच गया। थाने में पुलिस ने पंचायत की और फिर बिना कार्रवाई के सभी को लौटा दिया। सोनी जब घर पहुंचीं तो विमल ने उन्हें गोली मार दी थी। अभिषेक का कहना है कि पुलिस ने सुनवाई नहीं की थी। अगर उसी वक्त पुलिस ने कार्रवाई की होती तो आरोपी इतनी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे पाता। पारा पुलिस की लापरवाही का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अभिषेक ने बताया कि जब मां थाने गई थीं तो इसको लेकर विमल बहुत भड़क गए थे। उन्होंने कहा था कि ये ठीक नहीं किया। आज इनको जान से मार देंगे। उसके बाद वह थाने गया था। वहां से लौटकर सीधे कमरे में चला गया था। सोनी बैठी थीं। अचानक से वह आया और उनके सीने में बाएं तरफ गोली मार दी थी।
पुलिस ने सोमवार को आरोपी विमल को गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद पुलिस ने बताया था कि लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारी गई। मगर गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से दोनाली बंदूक बरामद की। उसी से गोली मारने की पुष्टि की। शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए पुलिस ने प्रशासन को रिपोर्ट भेजी है।
एडीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव का कहना है कि मामला पारिवारिक विवाद का था इसलिए थाने की पुलिस ने बातचीत करने के बाद दोनों पक्षों को भेजा होगा। आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई है।