श्रावस्ती। तराई में उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को बुधवार की रात मिली। देर रात चली तेज धूल भरी आंधी के बाद गरज के साथ बरसात हुई। इससे मौसम खुशनुमा हो गया और पारा लुढ़क गया। वहीं, तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली के पोल व तार टूट कर गिरने से नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी रात बिजली गुल रही। नगरीय क्षेत्रों की तो आपूर्ति दोपहर बाद बहाल करा दी गई, लेकिन ग्रामीण के कई क्षेत्रों की आपूर्ति बृहस्पतिवार देर रात तक बाधित रही। साथ ही बरसात ने सफाई व्यवस्था की पोल भी खोल दी। वहीं, आंधी का सबसे ज्यादा नुकसान आम के किसानों को उठाना पड़ा।
बुधवार रात आंधी व बारिश से अधिकतम तापमान चार डिग्री लुढ़क कर 38 डिग्री पर आ गया। वहीं बृहस्पतिवार को दोपहर बाद निकली तेज धूप से उमस भरी गर्मी पड़ने लगी। करीब 40 किमी की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़, बिजली के पोल, टिनशेड व छप्पर आदि गिर गए। जिससे देर रात समूचे जिले की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसके चलते करीब सवा लाख उपभोक्ता व करीब 10 लाख की आबादी पूरी रात अंधेरे में डूबी रही।
भिनगा व इकौना नगर की आपूर्ति बृहस्पतिवार सुबह बहाल करा दी गई। जबकि शेष ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति बृहस्पतिवार देर रात तक बहाल नहीं हो सकी। तेज आंधी के कारण भिनगा, सीताद्वार, गिलौला, कटरा, बंजारन पुरवा, उल्हवा सहित घोलिया उपकेंद्र के ज्यादातर ग्रामीण फीडरों की आपूर्ति ठप रही। जिसे बहाल करने का प्रयास रात तक किया जाता रहा।
कहीं छप्पर तो कहीं गिरे पोल
रात आई तेज आंधी के कारण संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा के पास दुकान का छप्पर गिर गया। इसके साथ ही सिरसिया के नथुनिया मोड़ के पास ढाठू पुरवा, बनगई, मसहा, कटकहि पुरवा, कसीयापुर जाने वाली विद्युत लाइन पेड़ गिरने से कई पोल क्षतिग्रसत हो गए। बालू घेनिया में पोल सहित ट्रांसफार्मर गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई। मोतीपुर से मसहा जाने वाले मार्ग पर पोल व पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। बेलहरी में प्राइमरी स्कूल के पास पुरचलवा गांव को जाने वाली हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई। यही हाल गिलौला के कटार फीडर की लाइन पर बांस की कोठी गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई। यही स्थिति जिले के कई अन्य क्षेत्रों की भी रही। जिले के उल्लहवा उपकेंद्र के 29, घोलिया के 21 व जमुनहा उपकेंद्र क्षेत्र में 50 पोल गिरने व टूटने से आपूर्ति बाधित रही।
जलभराव व कीचड़ की समस्या
ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था पहले से ही ध्वस्त है। नगरीय क्षेत्र भी अछूते नहीं हैं। यह हाल इकौना ही नहीं भिनगा नगर का भी है। जहां विगत कई माह से नालियों की सफाई न होने से पूरी तरह चोक हो चुकी हैं। बुधवार रात हुई बरसात के बाद कई स्थानों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। कीचड़ व जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों को धूप निकलने के बाद संक्रामक रोगों का खतरा सताने लगा है।
आम को नुकसान, जायद की फसलों के लिए टॉनिक
तेज आंधी के कारण आम की फसल को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। करीब आधे आम गिर गए हैं। जिसे मंडी में उचित मूल्य नहीं मिल रहा। 30 रुपये प्रति किलो की दर से बिकने वाला कच्चा आम बृहस्पतिवार को आठ से 10 रुपये प्रतिकिलो बिका। वहीं, बरसात के कारण खेतों में लगे मक्का, सब्जियों, मेंथा व गन्ना आदि की फसलों को काफी फायदा हुआ। किसानों को एक सप्ताह सिंचाई करने से मुक्ति मिल गई है।
आंधी व बारिश के कारण बाधित विद्युत आपूर्ति को बहाल करने का प्रयास लगातार जारी है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी क्षेत्रों की आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
- अश्वनी चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता विद्युत