हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी के माल एवेन्यू क्षेत्र में एमजी मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने के फैसले को सही ठहराया है।
राज्य सरकार के द्वारा प्रस्तावित इस योजना को नीतिगत निर्णय मानते हुए जनहित में लिया गया फैसला बताया है।
इसके साथ ही इस निर्माण के खिलाफ दायर पीआईएल को खारिज कर दिया गया है।
कोर्ट ने कहा कि याची की यह आशंका आधारहीन है कि प्रस्तावित ओवरब्रिज के निर्माण से गंभीर समस्याएं पैदा होंगी या फिर ये जनहित में नहीं है।
जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा एवं जस्टिस विनय कुमार माथुर की खंडपीठ ने मंगलवार को अंजनी कुमार की पीआईएल पर यह फैसला सुनाया।
याची ने इस प्रस्तावित निर्माण के संबंध में राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती देकर कहा था कि इससे कैंट क्षेत्र में सुरक्षा का गंभीर खतरा होगा।
इसके जवाब में राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता बुलबुल गोदियाल का कहना था कि यह एक छद्म याचिका है, जो पीआईएल की आड़ में दायर की गई है।
प्रस्तावित निर्माण लोक निर्माण विभाग की जमीन पर आम लोगों की सुविधा के लिए किया जाना है।
यह भी तर्क दिया गया कि इस निर्माण से कैंट में सेना की सुरक्षा को कोई खतरा पैदा नहीं होगा। ऐसे में यह पीआईएल खारिज किए जाने योग्य है।