लखनऊ। नेशनल पीजी कॉलेज अब शिक्षकों को शोध के लिए हर वर्ष 30 लाख रुपये का अनुदान देगा। महाविद्यालय में शोध को बढ़ावा देने के लिए यह सुविधा शुरू की जा रही है। यह राशि इसी माह के अंत तक शिक्षकों को दे दी जाएगी।
कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक, शिक्षकों को शोध के लिए अनुदान देने की यह योजना पहली बार शुरू की गई है। इसे बीते वर्ष ही कॉलेज की गर्वनिंग बॉडी से स्वीकृति मिल चुकी है। नेशनल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. देवेंद्र सिहं ने बताया कि यह सुविधा शुरू होने से शिक्षकों को दो बड़े शोध प्रोजेक्ट्स के तहत दस-दस लाख रुपये और पांच छोटे प्रोजेक्ट्स के तहत दो-दो लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। कुल तीस लाख का अनुदान दिया जाएगा।
प्राचार्य ने बताया कि अनुदान के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों ने अपने प्रस्ताव कमेटी को दे दिए हैं। अब विशेषज्ञों के सामने इसका प्रजेंटेशन देंगे। विशेषज्ञों की समिति अगले सप्ताह तक प्रस्तावों का प्रजेंटेशन लेगी। यह कमेटी विभिन्न विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्रोफेसरों की होगी। प्राचार्य ने बताया कि प्रत्येक शिक्षक को पांच वर्ष में केवल एक बार ही अनुदान दिया जाएगा।
नेशनल पीजी कॉलेज को नैक से ए ग्रेड मिला हुआ है। इसके साथ ही इसे आटोनाॅमस कॉलेज का दर्जा मिला हुआ है। नैक टीम ने कॉलेज को शोध में बढ़ावा देने का सुझाव दिया था। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से यह योजना शुरू की गई है।
गुणवत्तापरक हो शोध
प्राचार्य देवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट्स के शोध की गुणवत्ता जांचने के लिए एक कमिटी भी गठित की गई है। यह कमिटी प्लेग्रिज्म एक्ट के तहत प्रोजेक्ट्स के कंटेंट की जांच करेगी। इसका उद्देश्य यह है कि महाविद्यालय का शोध की दृष्टि में एक उपयुक्त स्थान हो।