माई सीटी रिपोर्टर लखनऊ। कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों के मद्देनजर इनके इलाज की बेहतर व्यवस्था व संसाधन जुटाना भी एक बड़ी चुनौती है। इसी क्रम में पीजीआई ने मल्टी चैनल वेंटिलेटर पर काम शुरू कर दिया है। जिससे एक वेंटिलेटर से दो या ज्यादा लोगों को ऑक्सीजन दिया जा सके। इसमें उसका सहयोग डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) करेगा। दरअसल जब मरीज ज्यादा क्रिटिकल होता है तो उसे सांस लेने में दिक्कत होती है। खासकर बुजुर्ग मरीजों को। कोरोना में भी इस तरह की समस्या आती है। जिसकी वजह से अक्सर राजधानी में भी वेंटिलेटर को लेकर मारामारी की इस्थिति होती है। इस समय विदेश भी इस संकट से जूझ रहे हैं। जिसे देखते हुवे पीजीआई ने मल्टी चैनल वेंटिलेटर की कवायद शुरू कर दी है। इसमें पीजीआई ने एकेटीयू के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज के मेक्ट्रोनिक्स विभाग की थ्री-डी प्रिंटिंग लैब का प्रयोग करेगा। पीजीआई के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग के हेड प्रो. अनिल अग्रवाल ने कैस के निदेशक पर प्रो. मनीष गौड़ को पत्र भेजकर उनकी थ्री-डी लैब के प्रयोग व सहयोग की मांग की है। प्रो. गौड़ ने बताया कि हम बिना किसी शर्त के इस महत्वपूर्ण काम मे सहयोग करेंगे। लैब में इसका प्रोटो टाइप बनाया जाएगा। हमारी लैब अत्याधुनिक सुविधाओं वाली है। उन्होंने कहा कि हम अपने दो शिक्षक व पीएचडी स्टूडेंट्स का पास बनवाकर इसमें सहयोग करेंगे। ताकि जल्द से जल्द मल्टी चैनल वेंटिलेटर को डेवलप करेंगे।