लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कैसरबाग स्थित जिला न्यायालय के पास वकीलों के चैंबर ढहाने के मामले में नगर निगम की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। इससे याची वकीलों को चैंबर ढहाए जाने के मामले में कोर्ट से शनिवार को राहत नहीं मिली। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश विवेक मौर्य और एक अन्य की याचिका पर अर्जेंट सुनवाई करके दिया। याचियों ने कहा कि इसी 22 सितंबर को नगर निगम ने उनके चैंबरों पर कारण बताओ नोटिस चस्पा किए हैं। इसमें कहा गया है कि वे इसका कारण दिखाएं कि क्यों न उनके चैंबर ढहा दिए जाएं। कोर्ट ने कहा कि मामले के सभी पहलू सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और सिविल कोर्ट से तय किए जा चुके हैं। ऐसे में मामले में दखल देने का कोई आधार नहीं बनता है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। मालूम हो कि पहले हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर जिला न्यायालय के पास से अवैध चैंबरों को हटाने का आदेश दिया था। इसके तहत नगर निगम ने नोटिस चस्पा किए थे।