रायबरेली। गर्मी में घटिया खाद्य पदार्थों के सेवन से लोगों को जागरूक करने के लिए बृहस्पतिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की मोबाइल लैब शहर में घूमी। जांच में 17 नमूने फेल हो गए।
बचत भवन के सामने, डिग्री कॉलेज, राना नगर सहित अन्य स्थानों पर फास्ट फूड की दुकानों पर ग्राहकों में परोसी जा रही लाल रंग की चटनी, चाय पत्ती, हींग, हल्दी व धनिया पाउडर सहित 30 खाद्य पदार्थों की जांच की। जांच में चटनी, हींग, बुकनू, हल्दी पाउडर समेत 17 खाद्य पदार्थों के नमूने फेल आ गए। लोगों को ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने के लिए जागरूक किया गया।
बृहस्पतिवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी शेफाली रस्तोगी व अपराजिता तिवारी की टीम मोबाइल लैब गाड़ी के साथ शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने के लिए पहुंची। बचत भवन के सामने लगी पटरी दुकानों से हींग, लाल चटनी, हल्दी व धनिया पाउडर की जांच लैब में की तो सभी में मिलावट मिली।
चटनी में तो फलों के प्रयोग की जगह स्टार्च और कलर मिला। डिग्री कॉलेज चौराहा स्थित एक कैंटीन में चाय की पत्ती की जांच की तो वह भी मानकों पर खरी नहीं मिली। कैनाल रोड पर चटनी, बुकनू आदि की जांच की गई। ये खाद्य पदार्थ भी मानकों पर खरे नहीं उतरे।
राना नगर में भी फास्ट फूड की दुकानों पर खिलाई जा रही चटनी खाने योग्य नहीं मिली। टीम ने दुकानदारों का चटनी में कलर का प्रयोग न करने के निर्देश दिए।
एफएसओ शेफाली रस्तोगी ने बताया कि बिना पंजीयन के संचालित दुकानों के संचालकों को पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को गर्मी में घटिया खाद्य पदार्थों के प्रयोग से बचने के लिए जागरूक किया गया।