रायबरेली। रायबरेली-प्रयागराज हाईवे के चौड़ीकरण में रोड़ा बन रहे आबादी में बने मकान अब ढहाए जाएंगे। समय रहते लोगों को घरों से सुरक्षित बाहर रहने के लिए अल्टीमेटम दिया गया है। इनके मकानों के लिए एनएचएआई ने भूमि अध्याप्ति विभाग को तीन करोड़ रुपये भेज दिए हैं। वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन लोगों के मकान चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे हैं। उन्हें सूचना दे दी गई है। यह भी कहा कि गया है कि जरूरी दस्तावेज जमा करके अपना मुआवजा प्राप्त कर लें।
रायबरेली-प्रयागराज हाईवे को फोरलेन बनाने का काम तेजी से चल रहा है। जिन लोगों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। उन्हें 90 करोड़ रुपया मुआवजा वितरण के लिए पहले ही दिया जा चुका है। आबादी की जमीन पर जिनके मकान बने थे, उन्हें मुआवजा नहीं मिला था। इसी बात को लेकर ग्रामीण विरोध कर रहे थे। बीते दिन राही ब्लॉक क्षेत्र के कुचरिया गांव के ग्रामीणों ने खासा विरोध किया। डीएम दफ्तर का घेराव करने के साथ प्रदर्शन किया था। इससे कब्जा हटाने गए लोगों को वापस लौटना पड़ा।
जिला प्रशासन के सहयोग से एनएचएआई ने आबादी की जमीन पर बनाए मकानों को ध्वस्त करने से पहले तीन करोड़ रुपये दे दिए हैं। ये रुपये कुचरिया, भांव, नवाबगंज, कोटरा बहादुरगंज के करीब 135 लोगों को वितरित किए जाएंगे। भूमि अध्याप्ति विभाग से संपर्क कर मुआवजा लिया जा सकता है।