डीजीपी ने बुलंदशहर कांड को लेकर पूरे प्रदेश में सोमवार रात सघन चेकिंग अभियान के आदेश दिए। सूबे की राजधानी में भी अफसर से लेकर थानेदार तक चेकिंग करने निकल पड़े, मगर इंस्पेक्टर गाजीपुर पॉलीटेक्निक चौराहे के पुलिस बूथ पर कुर्सी पर पैर फैलाए बैठे मातहतों से गप्पे लड़ा रहे थे।
आईजी ने चौराहे का चक्कर काटा लेकिन इंस्पेक्टर को भनक नहीं लगी। इस पर उन्होंने इंस्पेक्टर की कड़ी फटकार लगाई। डीआईजी ने उन्नाव और एसएसपी ने शहर में चेकिंग के साथ संदिग्ध वाहनों की धरपकड़ कराई।
इससे पहले शोहदों और शराबियों को सबक सिखाने के इरादे से एसएसपी मंजिल सैनी रविवार देर रात स्कूटी से निकली थी। 1090 चौराहे से सीएम आवास होते हुए मरीन ड्राइव तक चक्कर काटा। संदिग्ध युवकों से पुलिस टीम ने पूछताछ की।
आईजी जोन ए सतीश गणेश ने बताया कि हाईवे, रेलवे-बस स्टेशन, ढाबों की चेकिंग के अभियान के तहत वह सीतापुर जा रहे थे। रात 10 बजे पॉलीटेक्निक चौराहा पर पुलिस की जीप खड़ी थी लेकिन चेकिंग होते नहीं दिखी।
इस पर चौराहे का चक्कर काटकर गाड़ी पुलिस बूथ के पास रुकवाई। पुलिस बूथ में इंस्पेक्टर गाजीपुर सुधाकर पांडेय कुर्सी पर पैर फैलाए बैठे मातहतों से गप्पे लड़ा रहे थे। उन्हें आईजी के पहुंचने की भनक नहीं लगी थी।