लखनऊ। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा की हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम छात्रा की सेहत पर नजर बनाए है। घटना की जानकारी पाकर परिवारीजन बुधवार देर रात ही केजीएमयू पहुंच गए। पिता का कहना है बेटी मंगलवार को ही केजीएमयू के लिए लखनऊ रवाना हुई थी। बेटी ने जाने से पहले कहा था पापा मेरा केजीएमयू में मन नहीं लग रहा है। वह कुछ घबराई थी।
गाजियाबाद की रहने वाली छात्रा केजीएमयू के यूजी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती है। बुधवार दोपहर क्लास के बाद सभी छात्राएं मेस में खाना खाने चली गई थीं। जबकि छात्रा ने हॉस्टल के अपने कमरे में जाकर फांसी लगा ली थी। इस बीच बेटी का फोन न उठने पर अनहोनी की आशंका में पिता ने उसकी सहपाठी को फोन कर दिया था। सहपाठी जब कमरे पर गई और खिड़की से झांका तो छात्रा फंदे पर लटकी थी। हॉस्टल के कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से उतारकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वह गंभीर हालत में क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती है।
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि परिजनों को छात्रा की सेहत के बारे में जानकारी दे दी गई है। खुदकुशी के प्रयास की वजह का पता लगाया जा रहा है।
छात्रा के पिता सिविल इंजीनियर हैं। उन्होंने बताया कि काउंसिलिंग में केजीएमयू आवंटित होने पर उनकी बेटी बेहद खुश थी। मगर दाखिला लेने के बाद जब वह हॉस्टल में आई तो असहज महसूस करने लगी थी। कुछ दिन पहले हाॅस्टल से घर आई थी तबसे उसकी बातचीत का लहजा बदला था। पिता का कहना है कि बुधवार सुबह बेटी से बात हुई थी। वह कुछ असहज लगी। मगर कई बार पूछने पर भी उसने कुछ नहीं बताया।
पिता ने बताया बेटी को महंगे फोन का शौक है। उसने कुछ समय पहले आईफोन 14 खरीदा था। हॉस्टल से फोन चोरी हो गया था। इससे भी बेटी उदास थी। उन्होंने बताया कि बेटी को कुछ समय से तबीयत भी खराब थी। बार-बार बुखार आ रहा था। हालांकि यह समस्या केजीएमयू में दाखिले से पहले की थी।