रायबरेली। दो साल पहले चयनित मॉडल गांवों को मिला बजट अब तक शतप्रतिशत खर्च न होने पर संबंधित ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों को निलंबन की चेतावनी दी गई है। शुक्रवार को डीपीआरओ ने पंचायत सचिवों को तीन दिन के अंदर धनराशि खर्च करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने की चेतावनी दी है।
वर्ष 2022-23 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत चिह्नित गांवों में स्वच्छता संबंधी काम कराने के लिए बजट दिया गया था। बार-बार नोटिस के बाद भी जिले के सात गांवों में अब तक शतप्रतिशत धनराशि खर्च नहीं हो सका है। मामले में डीपीआरओ ने बछरावां ब्लॉक के करनपुर, खैरहनी, कन्नावां के ग्राम विकास अधिकारी आलोक कुमार शुक्ला, जगतपुर ब्लॉक के सुदामापुर के ग्राम विकास अधिकारी अमित सोनकर, जगतपुर की ग्राम विकास अधिकारी अंजली पांडेय, दीनशाह गौरा ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी राम बरन यादव, जलालपुर धई के ग्राम पंचायत अधिकारी सुबोध मौर्या को नोटिस देकर निलंबन की चेतावनी दी गई है।
डीपीआरओ नवीन सिंह का कहना है कि पंचायत सचिवों को कई बार नोटिस दी गई, लेकिन शतप्रतिशत धनराशि खर्च नहीं की गई। तीन दिन में प्रगति न सुधरने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।