चुनाव आयोग ने प्रदेश में लोकसभा की एक और विधानसभा की 11 सीटों पर होने वाले उप चुनाव में मतदाता पहचान पत्र के विकल्प की स्थिति स्पष्ट कर दी है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी आलोक तिवारी के मुताबिक मतदाता पहचान पत्र न होने पर पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, विभागीय आईकार्ड, पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड, स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय का स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, पेंशन दस्तावेज व निर्वाचन की पर्ची के आधार पर वोट डाले जा सकेंगे।
गौरतलब है कि उपचुनाव को लेकर नामांकन का दौर पूरा हो चुका है। वहीं, राजनीतिक दल भी इसे लेकर अपनी योजनाओं की घोषणा कर चुके हैं।
बताया जा रहा है कि इन उपचुनाव में यूपी में भाजपा की लोकप्रियता की परख भी होगी।
उल्लेखनीय है कि भाजपा विरोधी दल प्रचार कर रहे हैं कि भाजपा ने केंद्र में सत्ता में आने के बाद अपने चुनावी वादे पूरे नहीं किए हैं।
अत. यह चुनाव भाजपा के लिए एक कसौटी भी साबित होंगे।