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Mohan Bhagwat: 'पंडितों ने जाति बनाई', संघ प्रमुख का बयान बना विपक्ष का हथियार, डैमेज कंट्रोल में जुटी BJP-RSS

Tue, 07 Feb 2023 05:28 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

संघ प्रमुख के बयान के बाद रविवार शाम से ही ब्राह्मणों में नाराजगी दिखनी शुरू हो गई। सोमवार दोपहर तक सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर ब्राह्मणों ने भागवत, संघ और भाजपा को घेरना शुरू कर दिया। ब्राह्मणों ने सोशल मीडिया पर भागवत के बयान की निंदा करते हुए उसे राजनीति से प्रेरित बताया।
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Mohan Bhagwat - फोटो : ANI
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत की ओर से पंडितों के खिलाफ दिए बयान के बाद संघ और भाजपा के ब्राह्मण नेता डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। उधर, सोमवार को सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ब्राह्मणों ने संघ प्रमुख के बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए टिप्पणियां शुरू कर दी। इधर, विपक्ष ने भागवत के बयान को हथियार बनाकर एक तीर से दो निशाने साधने की रणनीति बनाई है।

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संघ प्रमुख के बयान के बाद रविवार शाम से ही ब्राह्मणों में नाराजगी दिखनी शुरू हो गई। सोमवार दोपहर तक सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर ब्राह्मणों ने भागवत, संघ और भाजपा को घेरना शुरू कर दिया। ब्राह्मणों ने सोशल मीडिया पर भागवत के बयान की निंदा करते हुए उसे राजनीति से प्रेरित बताया। इस साल राजस्थान, मध्यप्रदेश, त्रिपुरा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और मिजोरम सहित नौ राज्यों में चुनाव होना है।

आगामी लोकसभा चुनाव के लिहाज से भी ब्राह्मण वोट बैंक भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है। लोकसभा चुनाव में केंद्र में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में भाजपा सबसे अधिक यूपी पर निर्भर है। यूपी में ब्राह्मण समाज की करीब 12 फीसदी से आबादी है। आगामी नगरीय निकाय चुनाव और लोकसभा चुनाव के मद्देनजर समाज की नाराजगी भांपकर संघ और भाजपा के नेताओं ने भागवत के बयान का बचाव किया है।

संघ से लेकर भाजपा तक बचाव में उतरे
सबसे पहले आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि मोहन भागवत ने पंडित शब्द का उपयोग ज्ञानियों के लिए इस्तेमाल किया था, न कि किसी जाति धर्म के लिए। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने भाषण के दौरान पंडित शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसका मतलब विद्वान या ज्ञानी होता है। इसका गलत मतलब निकालकर मुद्दा बनाया जा रहा है।

भाजपा नेताओं ने कहा विपक्ष बयान को तोड़-मरोड़कर कर रहा पेश
भाजपा के नेताओं ने संघ की लाइन को ही आगे बढ़ाया। भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं कन्नौज के सांसद सुब्रत पाठक ने कहा कि संघ प्रमुख के बयान का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। उन्होंने पंडित शब्द का उपयोग ज्ञानी या विद्वान के लिए किया है, न कि ब्राह्मण समाज के लिए किया है। राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक और श्रम कल्याण परिषद के पूर्व अध्यक्ष पंडित सुनील भराला का कहना है कि विपक्ष भागवत के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है। ब्राह्मण समाज विपक्ष के बहकावे में आने वाला नहीं है। संघ प्रमुख का बयान किसी जाति धर्म के खिलाफ नहीं है, उन्होंने पंडित शब्द का उपयोग ज्ञानी या विद्वान के लिए किया है।

एक तीर से दो निशाने साधने में जुटा विपक्ष
रामचरित मानस की चौपाई पर भाजपा को घेर रहा विपक्ष अब संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान को हथियार बनाकर एक तीर से दो निशाने साधने में जुट गया है। विपक्ष की रणनीति है कि रामचरित मानस की चौपाई के जरिये भाजपा और संघ को दलितों और पिछड़ों के बीच कटघरे में खड़ा रखा जाए। साथ ही इस मुद्दे को हवा देकर अब ब्राह्मणों में भी नाराजगी पैदा की जाए। समाजवादी पार्टी केराष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को ट्वीट कर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि भगवान के सामने तो स्पष्ट कर रहे हैं। कृपया इसमें यह भी स्पष्ट कर दिया जाए कि इंसान के सामने जाति-वर्ण को लेकर क्या वस्तु स्थिति है?
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इसी तरह रामचरित मानस की चौपाई पर विवाद खड़ा करने वाले सपा एमएलएसी स्वामी प्रसाद मौर्य ने संघ प्रमुख के बयान को आधार बनाते हुए कहा कि जाति व्यवस्था पंडितों (ब्राह्मणों) ने बनाई। स्वामी प्रसाद ने कहा कि भागवत के बयान ने धर्म की आड़ में गाली देने वाले ढोंगियों की कलई खोल दी है। कम से कम अब तो रामचरित मानस से आपत्तिजनक टिप्पणी हटाने के लिए आगे आना चाहिए। यदि यह बयान मजबूरी का नहीं है तो भागवत को साहस दिखाते हुए केंद्र सरकार को कहकर गलत टिप्पणी हटवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मात्र बयान देकर लीपापोती करने से बात बनने वाली नहीं है।
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