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लखनऊ विवि ः केंद्रीकृत दाखिले के लिए 20 फीसदी कॉलेजों ने दी सहमति

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  लखनऊ विवि ः केंद्रीकृत दाखिले के लिए 20 फीसदी कॉलेजों ने दी सहमति लखनऊ। लखनऊ विवि की केंद्रीकृत दाखिला प्रणाली में शामिल होने के लिए 20 फीसदी सह्युक्त कॉलेजों ने ही सहमति जताई है। लविवि से सहयुक्त 176 कॉलेजों में से 35 ने दाखिले में शामिल होने के लिए लविवि से संपर्क किया है। लविवि ने इस साल से सहयुक्त कॉलेजों को अपनी काउंसलिंग में शामिल होने का विकल्प दिया है। इसके तहत दिल्ली विवि की तर्ज पर केंद्रीकृत दाखिले का खाका खींचा है। लविवि ने ज्यादातर पाठ्यक्रमों में सीट के मुकाबले कई गुना आवेदन फॉर्म की संख्या को देखते हुए विकल्प तैयार किया है। इस तरह से विद्यार्थियों को एक ही फॉर्म के माध्यम से दाखिला मिल जाएगा और कॉलेजों की सीट भरने में आसानी होगी। इस योजना में शामिल होने के लिए कॉलेजों को आठ जुलाई तक का समय दिया गया था। लविवि इसके लिए सहमति देने वाले कॉलेजों से प्रति पाठ्यक्रम फीस भी लेगा। प्रोफेशनल पाठ्यक्रम के लिए यह फीस एक लाख रुपये तथा सामान्य पाठ्यक्रम के लिये 50 हजार रुपये निर्धारित की गई है। कॉलेज लविवि की प्रवेश प्रणाली पर पूरी तरह आश्रित रहने के बजाय अपने स्तर से भी दाखिले ले सकते हैं। बुधवार शाम तक लविवि के इस विकल्प के लिए करीब 35 कॉलेजों ने अपनी सहमति भेजी है। लविवि इनका परीक्षण करने के बाद काउंसलिंग से पहले इनकी सूची जारी करेगा। राजकीय और अनुदानित कॉलेजों ने बनाई दूरी विश्वविद्यालय की केंद्रीकृत दाखिले की सुविधा सभी कॉलेजों के लिए शुरू की है, लेकिन राजकीय और अनुदानित महाविद्यालयों ने इससे दूरी बनाई है। इसकी वजह उनकी सीट भर जाने के साथ ही केंद्रीकृत काउंसलिंग के लिए ली जाने वाली फीस का बजट न होना भी है। आवेदन करने वाले महाविद्यालय स्व वित्तपोषित प्रणाली के ही हैं। स्नातक और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की मांग लविवि के पास जो आवेदन आए हैं उनमें ज्यादातर स्नातक और प्रोफेशनल पाठ्यक्रम के लिए ही है। स्नातक स्तर पर बीबीए, बीकॉम ऑनर्स जैसे पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया गया है। हालांकि कई कॉलेजों ने बीए, बीएससी और बीकॉम के दाखिले भी केंद्रीकृत प्रणाली पर करने की मांग की है।
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