शिक्षा विभाग के एक अधिकारी गड़बड़ी रोकने के लिए विभाग की सारी प्रकियाओं को ऑनलाइन कर देना चाहते हैं।
शिक्षकों का वेतन, पेंशन और शिक्षामित्रों का मानदेय। इस संबंध में शासन से दिशा-निर्देश भी जारी कर दिया गया। जिलों में प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई।
शिक्षकों के वेतन और पेंशन की प्रक्रिया भी लगभग पूरी कर ली गई, लेकिन शिक्षामित्रों की ऑनलाइन का मामला परवान नहीं चढ़ पा रहा है। वजह प्रधानों की ताकत बताई जा रही है।
हालांकि, खुले तौर पर तो कुछ भी नहीं कहा गया है, पर अंदर खाने में यह चर्चा जरूर है कि शिक्षामित्रों को मानदेय शायद ही ऑनलाइन हो पाए।
वजह लोकसभा चुनाव आने वाला है और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानी बहुत मायने रखती है।
इसलिए शिक्षा विभाग को डर सता रहा है। शायद यही वजह है कि अभी तक उनका सभी ब्यौरा ऑनलाइन नहीं हो पा रहा है।