लखनऊ। सरकारी विभागों में संविदा पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले वैष्णव कौशिक को एसटीएफ ने मंगलवार को चिनहट की भारतीपुरम कॉलोनी स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया। मूल रूप से सिद्धार्थनगर निवासी वैष्णव की गिरफ्तारी पर गोरखपुर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ सिद्धार्थनगर में तीन, जबकि गोरखपुर में एक मुकदमा दर्ज है।
एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि वैष्णव गोरखपुर में दर्ज मुकदमे में वांछित था। पूछताछ में उसने बताया कि प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के बाद भी कहीं चयन नहीं होने पर वर्ष 2019 में वह लखनऊ आकर रहने लगा। इस दौरान उसकी मुलाकात आजमगढ़ निवासी भानु प्रताप सिंह व हिमांशु से हुई। दोनों ने बताया कि गार-इन्फोटेक कंपनी को राम मनोहर लोहिया हाॅस्पिटल में मैनपावर सप्लाई का ठेका मिला है। अगर 12वीं पास लड़के हों, तो 40 हजार रुपये प्रति अभ्यर्थी संविदा पर नौकरी दिला देंगे। भविष्य में सभी कर्मचारी स्थायी हो जायेंगे।
वैष्णव ने बताया कि 10 हजार रुपये प्रति अभ्यर्थी मिलने के लालच में उसने रोहित के जरिए 40 अभ्यर्थियों से 13.50 लाख रुपये लेकर अपने खाते से हिमांशु के खाते में 11.70 लाख रुपये भेज दिए। बाद में भानु व हिमांशु मोबाइल बंद कर गायब हो गए। वह भी पुलिस से बचने के लिए फरार हो गया था। एसटीएफ ने वैष्णव को गाेरखपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।