बछरावां (रायबरेली)। गर्मी बढ़ने के साथ पेयजल संकट गहराने लगा है। बछरावां ब्लॉक क्षेत्र में एक हजार हैंडपंप खराब है, जिन्हें रिबोर नहीं कराया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। लोग दूर लगे हैंडपंप से पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। हैंडपंपों को कागजों पर रिबोर कराया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी है।
ब्लॉक क्षेत्र की 53 ग्राम पंचायत में लगे 3700 इंडियामार्का हैंडपंप लगे हैं। देखरेख के अभाव में एक हजार हैंडपंप खराब हैं। सेहगों गांव में डाकघर के निकट तथा राजामऊ चौराहे के पास लगा हैंडपंप कई सालों से खराब है। इससे राहगीरों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सेहगों गांव में सतीश के घर के पास लगा हैंडपंप दूषित उगल रहा है।
इस तरह ग्राम पंचायत रामपुर सुदौली, राजमऊ, भैरमपुर, थुलेंडी मैनाहार कटरा, इचौली में कई हैंडपंप शोपीस बने हैं। ग्रामीण मनोज, राजू, पवन, संकटा प्रसाद का कहना है कि गर्मी लगातार बढ़ रही है, लेकिन पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
उधर, बीडीओ शिव बहादुर सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतों में जो भी हैंडपंप खराब है, सर्वे कराकर जल्द ठीक कराया जाएगा।
समाप्त हो गया विधायकों का कोटा
हर विधायक को 100 हैंडपंप लगाने के लिए निधि का आवंटन होता था, लेकिन चार साल से इसे समाप्त कर दिया गया है। इससे ग्रामीण अंचलों में पेजयल की समस्या और बढ़ गई है। जल जीवन मिशन से गांवों में पानी पहुंचाने में महज खानापूरी की जा रह है। यदि यही हाल रहा तो पेयजल समस्या और गहराएगी।