रायबरेली। प्रदेश सरकार ने यूपी मेंं लंबे समय से वाहन चालान का भुगतान न करने वाले मालिकों को रियायत देते हुए उनका चालान निरस्त कर दिया है। यह उन वाहन चालकों के लिए खुशखबरी है, जिनके अलग-अलग ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में चालान काटे गए थे। जिले के एक लाख 11 हजार वाहन स्वामियों का इसका लाभ मिलेगा। लेकिन इस कारण सरकार को करीब 14 करोड़ 85 लाख रुपये की चपत लगेगी। प्रदेश सरकार के चालान निरस्त करने के ऐलान से वाहन स्वामियों के चेहरे खिल गए हैं। सड़कों पर गलत तरीके से फर्राटा भरने पर वाहनों का चालान कर दिया जाता है। चाहे फिर छोटे वाहन हों या फिर बड़े वाहन। इन वाहनों के चालक नियमों की अनदेखी करते हैं। योगी सरकार ने प्रदेश के निजी और कामर्शियल वाहन स्वामियों को बड़ी सौगात दी है। लंबे समय से वाहन चालान का भुगतान न करने वाले मालिकों को रियायत देते हुए उनका चालान निरस्त कर दिया। इसका फायदा जिले के एक लाख वाहन मालिकों को मिलेगा। चालान की धनराशि जमा करने के लिए अब उन्हें ट्रैफिक कार्यालय या फिर कोर्ट के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे। एक जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2021 के बीच चालान काटे गए हैं, उनके चालान सभी चालान निरस्त कर दिए गए हैं।
अब वाहनों के चालान करने का तरीका बदल गया है। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के हाथों में मोबाइल थमा दिए गए हैं। मोबाइल के जरिए ऑनलाइन चालान हो जाता है। खास बात ये है कि लोगों को अपने वाहन चालान होने की जानकारी नहीं हो पाती, क्योंकि कब पुलिस कर्मी उनकी गाड़ी की फोटो मोबाइल से खींच लेते हैं, पता नहीं चल पाता।