इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 15 याचिकाएं दाखिल कर चुके सरकारी कर्मचारी संजय कुमार पर एक लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। कोर्ट ने याची को चार सप्ताह में हर्जाने की धनराशि आर्मी बैटल कैजुअल्टी वेलफेयर फंड में जमा कराने का आदेश दिया है।
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न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने आदेश में कहा कि यदि याचिकाकर्ता निर्धारित अवधि में धनराशि जमा नहीं कराता है तो इसकी वसूली जिलाधिकारी सुल्तानपुर के स्तर से कराई जाए।
याची ने चिकित्सा शिक्षा अनुभाग- 3 के 6 दिसंबर 2022 के एक शासनादेश को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि याची रिश्वत लेने के मामले में जेल भी जा चुका है। वर्तमान में वह सुल्तानपुर जिले में चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग में कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत है। इसके पहले भी वह सरकारी कामकाज से जुड़े शासनादेश को लेकर कोर्ट में याचिकाएं दाखिल करता रहा है।