अमित का यह भी कहना है कि पहले लॉकर के लॉक में लगी स्टील की पत्ती उखड़ी मिली थी जो बाद में सही-सलामत हो गई। बैंक अधिकारियों ने अपना अपराध छिपाने को पत्ती ठीक कराई होगी। मालूम हो कि चौक के खुनखुनजी रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में अमित प्रकाश के पिता डॉ. रविंद्र बहादुर और मां पुष्पा बहादुर के नाम का लॉकर है, जिसमें रखे एक करोड़ रुपये के जेवर गायब हो गए थे।
अमित ने लॉकर की बैंक अधिकारियों के पास वाली चाबियों की गोपनीयता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बैंक अधिकारियों ने उनके सामने चपरासी से चाबियां और रजिस्टर मंगाए। इससे साफ है कि बैंक का हर व्यक्ति लॉकर की चाबियों और दस्तावेजों तक पहुंच रखता है। अमित ने कंप्यूटर के रिकॉर्ड में लॉकर की चाबी के नंबर अलग होने की भी बात कही है।