लखनऊ। एक अच्छा व महान नेता केवल जन्म से नहीं बनता, बल्कि सीख और अभ्यास से बनता है। कोई उत्तर न देना भी एक उत्तर है और सफल राजनयिक को यह कला आनी चाहिए। ये बातें मंगलवार को नेशनल पीजी कॉलेज में मुख्य वक्ता के ताैर पर नव नालंदा महाविहार मानित विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने कहीं। इतिहास विभाग की ओर से नेतृत्व विकास विषय पर आयोजित व्याख्यान में उन्होंने एडोल्फ हिटलर का उदाहरण देते हुए कहा कि सफल होना और महान होना अलग बात है। भारतीय परंपरा के अनुसार एक सच्चे नेता में चार गुण होने चाहिए-सबको साथ जोड़ना, सहयोग करना, उदार होना और निस्वार्थ सेवा करना। उन्होंने छात्रों को बताया कि केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, बॉडी लैंग्वेज और व्यवहार भी सफलता के लिए जरूरी हैं। साथ ही मौन की कला सीखने की सलाह दी। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य प्रो. देवेंद्र के. सिंह ने की, जबकि आयोजन में डॉ. आकृति कुमार की अहम भूमिका रही।