लखनऊ। होली के दौरान मोहनलालगंज की ऑयल मिल से लिए गए सरसों व रिफाइंड तेल के 22 नमूनों में से 8 सेहत के लिए बेहद खतरनाक पाए गए। लैब की रिपोर्ट बताती है कि ऐसा तेल खाना जानलेवा भी हो सकता है। वहीं बचे 14 नमूने भी घटिया पाए गए। मिल में यह तेल अलग-अलग ब्रांड नेम से पैक कर बाजार में खपाया जा रहा था। एफएसडीए के अभिहित अधिकारी (डीओ) एसपी सिंह के मुताबिक 2 व 3 मार्च को मोहनलालगंज के यशोधरा ऑयल मिल पर छापा मारा गया था। यहां अलग-अलग ब्रांड नेम से खाद्य तेल पैक किया जा रहा था। इस दौरान 30,768 लीटर घटिया तेल सीज किया गया था। वहीं 22 नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए थे। खाद्य तेल खराब हो चुका था खाद्य तेल के 8 नमूने रैंसिडिटी बढ़ने के कारण सेहत के लिए बेहद खतरनाक पाए गए। रैंसिडिटी को आसान शब्दों में कहें तो ऐसी चीज जो बासी हो, दुर्गंधयुक्त हो। डीओ एसपी सिंह का कहना है कि तेल की रैंसिडिटी तभी बढ़ती है जब या तो वह पुराना हो जाए या लंबे समय से खुले में रखा हो। लैब की रिपोर्ट से साफ है कि फर्म एक्सपायरी तेल पैक कर खपा रही थी। ऐसा तेल खाने से कैंसर और लिवर से संबंधित गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। वहीं इसी मिल से लिए गए 14 नमूने घटिया पाए गए। इनमें पैकेजिंग एक्ट से जुड़ी खामियां पाई गईं। यानी किसी में एक्सपायरी डेट नहीं थी तो किसी में पैकेजिंग डेट नहीं थी। लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश डीओ ने बताया कि लैब रिपोर्ट के बाद यशोधरा ऑयल मिल को नोटिस भेजा जा रहा है। मिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। मिल का लाइसेंस निरस्त किए जाने की भी सिफारिश की जा रही है।