रायबरेली। परिवहन निगम के रायबरेली डिपो में संचालित उपभोक्ता पंप से डीजल वितरण में हो रही गड़बड़ी का पता अब सप्लाई से जुड़ी तेल कंपनी लगाएगी। डिपो में बसों को डीजल देने के लिए संचालित पंप पर मशीन तो इंडियन ऑयल की लगी है लेकिन डीजल की सप्लाई भारत पेट्रोलियम से मंगा कर होती है। वितरण में लगातार व्याप्त गड़बड़ी की जांच के लिए परिवहन विभाग की मंडलीय टीम भी जांच के लिए आ चुकी है।
इस संबंध में गड़बड़ी का पता लगाने के लिए अब सप्लाई से जुड़ी ऑयल कंपनी को पत्र भेजा गया है। ऑयल कंपनी के इंजीनियर मशीन की जांच के बाद वितरण में हो रही गड़बड़ी का पता लगाएंगे। बीते अप्रैल माह से हो रहे डीजल घाटे ने डिपो के संचालकों को परेशान कर रखा है। डीजल खपत की मात्रा बिना बसों के फेरे के ही लगातार मात्रा बढ़ती जा रही है।
पूर्व में डिपो में इंडियन ऑयल कंपनी की मशीन लगाकर डीजल मंगवाया जा रहा था। अब भारत पेट्रोलियम से डीजल मंगवाया जा रहा है। लगातार डीजल घाटे पर संबंधित केंद्र प्रभारियों से वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है। मामले में केंद्र प्रभारियों के साथ ही डिपो के बाबुओं राजेंद्र सोनकर, कुलदीप नारायण, अरुण गुप्ता व राम बहादुर को भी नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (वित्त) लखनऊ की टीम भी डिपो में पहुंचकर इस मामले की जांच कर चुकी है। अब डिपो से ऑयल कंपनियों को मशीन की जांच के लिए पत्र भेजा गया है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि डीजल वितरण में हो रही गड़बड़ी पकड़ने के लिए मशीन की जांच कराई जाएगी।