रायबरेली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को ओडीएफ प्लस करने के लिए 103 चयनित पंचायतों में कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए टीमें गठित की गईं हैं। संबंधित नोडल अधिकारियों को गांवों की जांच करके कार्यों की गुणवत्ता की रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। कार्यों में गड़बड़ी मिलने पर संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में चयनित 103 ग्राम पंचायतों में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, रिसोर्स रिकवरी सेंटर, व्यक्तिगत नाडेप, सामुदायिक नाडेप, कंपोस्ट पिट, सामुदायिक व संस्थागत प्लास्टिक बैंक, कचरा वाहन, व्यक्तिगत शोकपिट, सामुदायिक व संस्थागत इंसिनरेटर, हैंडपंप पर सोकपिट, सेप्टिक टैंक से निकले वाले ब्लैक वाटर के लिए लीच पिट आदि का काम कराने के लिए बजट दिया गया है।
डीएम माला श्रीवास्तव ने बताया कि पंचायतों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों के मानक व गुणवत्ता की जांच के लिए नोडल अधिकारी तय किए गए हैं। उन्होंने नोडल अधिकारियों को चयनित मॉडल ग्रामों में कराए गए समस्त कार्यों की गुणवत्ता की जांच करके डीपीआरओ को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। तकनीकी रिपोर्ट में यह भी बताया जाए कि खर्च धनराशि का सदुपयोग किया गया है या नहीं। समय से जांच रिपोर्ट न देने वाले नोडल अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।