.लखनऊ। पीजीआई इलाके के वृंदावन सेक्टर-19 में पानी की टंकी के पास बृहस्पतिवार को खड़ी एक कार की पीछे वाली सीट पर ओडिशा की रहने वाली युवती सुष्मिता राउत की मौत के मामले में पुलिस को अहम सफलता हाथ लगी है।
घटना के वक्त सुष्मिता के साथ मौजूद उसके साथी कानपुर निवासी विष्णु द्विवेदी को शुक्रवार को धनबाद से पकड़ लिया गया। पुलिस की टीम उसे लेकर लखनऊ आ रही है।
युवती के परिजनों के न आने के चलते शुक्रवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका। विष्णु द्विवेदी ने आत्महत्या की कहानी पुलिस को बताई है।
एडीसीपी पूर्वी अली अब्बास ने बताया कि विष्णु द्विवेदी पीजीआई इलाके में किराए के मकान में रहता है। सुष्मिता उसकी दोस्त थी और दोनों साथ रहते थे।
सुष्मिता का शव मिलने के बाद विष्णु से संपर्क नहीं हो सका। सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन धनबाद के आसपास मिली।
धनबाद रेलवे स्टेशन पर अलर्ट भेजा और शुक्रवार को उसे आरपीएफ ने एक ट्रेन से पकड़ लिया। उसके पास से तीन लाख नकद, कुछ जेवर और तीन मोबाइल फोन मिले।
विष्णु के पकड़ने की सूचना पर पीजीआई पुलिस की एक टीम धनबाद रवाना कर दी गई। शनिवार सुबह तक उसके लखनऊ पहुंचने की बात बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, विष्णु ने बताया कि बुधवार रात वह युवती के साथ कार से चारबाग गया था, वहां किसी बात पर विवाद हो गया। इसके बाद दोनों किराए के कमरे आ गए।
यहां सुष्मिता ने फांसी लगा ली। उसे फंदे से उतारकर अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सुष्मिता के शव को कार में डालकर वृंदावन सेक्टर-19 में पानी की टंकी के पास पहुंचा और फरार हो गया।
विष्णु कितना सच बोल रहा है कि इसकी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एडीसीपी पूर्वी ने बताया कि पुलिस टीम विष्णु की कुंडली खंगाल रही है। कानपुर पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है। बताया कि उम्मीद है कि युवती के परिजन शनिवार को लखनऊ पहुंच जाएंगे। इसके बाद ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
सुलगते सवाल
1- सुष्मिता और विष्णु एक दूसरे के संपर्क में कब और कैसे आए?
2- दोनों के बीच संबंध किस तरह के थे, दोस्त थे या प्रेमी- प्रेमिका?
3- दोनों क्या काम करते थे और उनको खर्च कैसे चलता था?
4- सुष्मिता की मौत अगर हत्या है तो वजह क्या और अगर आत्महत्या तो उसका कारण क्या है?
5- घटनास्थल से मिली कार मालिक और विष्णु के बीच क्या संबंध है?