लखनऊ। आशियाना स्थित जैन मंदिर में बुधवार को दशलक्षण महापर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की आराधना की गई। उत्तम त्याग धर्म का अर्थ है मोह, लालच और बुरी भावनाओं को छोड़कर अपने मन को शुद्ध करना। इस अवसर पर भगवान का अभिषेक, शांति धारा सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान विधिविधान से संपन्न हुए। श्री 108 विहसंत सागर जी महाराज ने प्रवचन में त्याग को आत्मशुद्धि एवं आत्मकल्याण का माध्यम बताया। शाम को मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें महिला मंडल की रिमझिम, सविता, अल्पना, रितु और स्वीटी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर चंद्रप्रकाश जैन, बृजेश जैन, अजय जैन, संजीव जैन आदि मौजूद रहे।