सांप्रदायिकता की राजनीति करना आसान है, धर्मनिरपेक्षता की राजनीति कठिन है। मौजूदा राजनीति आज इसी गंभीर समस्या ग्रस्त है।
भाजपा सांप्रदायिकता के सहारे सूबे में पांव फैलाने का सपना पाले है।
ऐसी खबरें है कि प्रदेश में आरएसएस के तमाम प्रचारकों को सपा के प्रति भ्रांतियां फैलाने व सांप्रदायिक आधार पर समाज को बांटने के काम में लगाया गया है।
इन्हीं तत्वों की साजिश से मुजफ्फरनगर, कांठ, सहारनपुर व मेरठ में सांप्रदायिक तनाव पैदा किया गया है।
ये बातें सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने यहां बुधवार को कही। उन्होंने कहा कि भाजपाई और उनके संगी बसपाई सूबे में विकास की गति से चिंतित है।
दोनों पार्टियां चाहे जितनी साजिश कर लें, वे जनता को बरगलाने में सफल नहीं हो सकेंगे।