लखनऊ। फॉगिंग मशीनों से अब डीजल की चोरी नहीं हो पाएगी। नगर निगम की टंकी से मच्छर मारने वाली दवा मिलाकर ही डीजल दिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम की केंद्रीय कार्यशाला में 2500 लीटर क्षमता वाली अलग टंकी बनाई गई है।
नगर निगम में 28 बड़ी फॉगिंग मशीनें हैं। हर बड़ी मशीन को रोजाना 60 और छोटी मशीन को पांच लीटर डीजल मिलता है, जिसमें दवा मिलाकर फॉगिंग की जाती है। हालांकि, करीब आधा डीजल कर्मचारी दवा मिलाने से पहले ही बेच देते हैं। बाकी से भी पूरी फॉगिंग नहीं करते और दवा मिला जो डीजल बचता है उसे भी निकालकर दूसरे दिन इस्तेमाल कर लेते हैं। अपर नगर आयुक्त ललित कुमार का कहना है कि इस चोरी को रोकने के लिए बड़ी मशीनों के अलावा छोटी 80 मशीनों को भी दवा मिला डीजल दिया जाएगा।