रायबरेली। वित्तीय वर्ष 2023-24 में मॉडल बनाने के लिए चिह्नित 688 गांवों में विकास कार्यों में लापरवाही पर डीपीआरओ ने सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों (वीडीओ) के साथ ही 18 ब्लॉकों के सहायक विकास अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। तीन दिन में प्रगति में सुधार न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिले में 688 गांवों को मॉडल बनाने के लिए चुना गया है। इन गांवों को 66.85 करोड़ रुपये भी दिए गए हैं, लेकिन बार-बार निर्देश के बाद भी गांवों में प्रगति बेहद खराब है। रोहनियां ब्लॉक के मॉडल गांवों में काम ही नहीं शुरू किया गया तो डलमऊ में अब तक दो प्रतिशत ही बजट खर्च किया गया।
दीनशाह गौरा में 3.65 प्रतिशत, जगतपुर में 3.99 प्रतिशत, खीरों में 5.87 प्रतिशत, सतांव में 6.64 प्रतिशत, अमावां में 10.12 प्रतिशत, छतोह में 15.42 प्रतिशत, ऊंचाहार में 12.72 प्रतिशत, हरचंदपुर में 17.96 प्रतिशत, लालगंज में 19.68 प्रतिशत, महराजगंज में 20.56 प्रतिशत, सलोन में 21.49 प्रतिशत, सरेनी में 29.93 प्रतिशत, डीह में 32.69 प्रतिशत, शिवगढ़ में 34.11 प्रतिशत और बछरावां में 28.60 प्रतिशत ही धन खर्च किया जा सका है।
समीक्षा में खराब प्रगति मिलने के बाद डीपीआरओ ने सभी ब्लॉकों के सहायक विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिया है। 688 गांवों के पंचायत सचिवों को भी तीन दिन में प्रगति में सुधार लाने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डीपीआरओ नवीन सिंह का कहना है कि बार-बार निर्देश के बाद भी एडीओ और पंचायत सचिवों पर असर नहीं पड़ रहा है। प्रगति में सुधार न आने पर कार्रवाई की जाएगी।