रायबरेली। जिले के ऊंचाहार ब्लॉक की ग्राम पंचायत अरखा में बिना काम कराए ही भुगतान के मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रधान और निलंबित पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। छह सदस्यीय टीम की जांच में 64.41 लाख के घपले की पुष्टि हुई है। प्रधान के अधिकारों को सीज करने के साथ ही वसूली की भी प्रक्रिया होगी।
अरखा गांव में 30 जून 2022 को 38 लाख व एक जुलाई 2022 को 33 लाख रुपये का भुगतान पांचवें व 15वें वित्त आयोग से भुगतान किया गया था। कई फर्मों को बिना काम कराए ही भुगतान कर दिया गया था। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रथम दृष्टया जांच में पंचायत सचिव मो. अहमद को दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया गया था।
प्रधान पर कार्रवाई के लिए डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी, जल निगम के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता अवर अभियंता और लघु सिंचाई के अवर अभियंता की जांच टीम गठित कर दी थी। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराई है। जांच में अरखा ग्राम पंचायत में 64.41 लाख के घपले की पुष्टि हो गई।
डीपीआरओ गिरीशचंद्र ने बताया कि अरखा प्रधान संगीता देवी और निलंबित सचिव मो. अहमद को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद प्रधान के अधिकारों को सीज करने के साथ ही वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।