रायबरेली। सरकार के नए कानून के खिलाफ चक्का जाम करने वाले दो नियमित व 20 संविदा चालकों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित चालकों को सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने नोटिस देकर कार्रवाई की चेतावनी दी है। चालकों की संविदा समाप्त करने की चेतावनी दी गई है।
बसों का संचालन न होने के कारण हरिद्वार, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर सहित अन्य मार्गों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डिपो को करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। रोडवेज कर्मियों के चक्काजाम से सोमवार को बसें डिपो में खड़ी रहीं। चालक डिपो में पहुंचे, लेकिन बसों को गंतव्य को नहीं ले गए।
इससे रायबरेली-कौशांबी, रायबरेली-हरिद्वार, रायबरेली-प्रतापगढ़, रायबरेली-कानपुर, रायबरेली-गोरखपुर, रायबरेली-बलिया, रायबरेली-प्रयागराज, रायबरेली-लखनऊ, रायबरेली-काठ गोदाम, रायबरेली-आगरा सहित अन्य रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो सका। मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने नियमित चालक रामजी जायसवाल, अरविंद सिंह को नोटिस देकर जवाब देने के आदेश दिए है।
इसके अलावा एआरएम ने संविदा चालक विनोद मिश्रा, विपिन कुमार, विमल सोनकर, हसीब खां, निरंजन अवस्थी, संदीप द्विवेदी, दुर्गेश सिंह, अजय कुमार, सत्येंद्र पांडेय, बालकेशव पांडेय, बीरेंद्र यादव, राम बहादुर यादव, जितेंद्र सिंह द्वितीय, पवन द्विवेदी, नितिन कुमार, भानू प्रताप, हरिशंकर सिंह, राजेंद्र यादव, रामकरण, मनीष तिवारी को भी नोटिस देकर संविदा को समाप्त करने की चेतावनी दी है।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एमएल केसरवानी ने बताया कि दो नियमित और 20 संविदा चालकों को नोटिस दिया गया है। नोटिस का जवाब न आने पर कार्रवाई की जाएगी।