जल निगम के करीब 25 हजार कर्मचारियों (नियमित व सेवानिवृत्त) को इस बार
होली पर वेतन के संकट का सामना करना पड़ सकता है।
निगम कर्मचारियों को अब
तक फरवरी का वेतन नहीं मिला है। वेतन जल्द मिल जाए, इसके आसार भी नहीं लग
रहे हैं।
बजट की कमी के कारण निगम में पिछले कई महीनों से कर्मचारियों को
समय से वेतन नहीं मिल रहा है। इसको लेकर कर्मचारी विरोध प्रदर्शन भी कर
चुके हैं।
जल निगम के प्रदेश में करीब 17
हजार नियमित कर्मचारी हैं। इसके अलावा करीब आठ हजार पेंशनभोगी कर्मचारी भी
हैं।
इनके वेतन और पेंशन भुगतान पर जल निगम को हर महीने करीब 48 करोड़ रुपए
खर्च करना पड़ता है।
करीब एक साल से निगम की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है।
पिछले साल दीपावली से पहले नियमित व सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने बकाया
भुगतान की मांग को लेकर करीब दो महीने तक चरणबद्ध तरीके से विरोध-प्रदर्शन
किया था।
उसके बाद जल निगम को शासन से सेंटेज की राशि मिली थी। अब होली में
फिर कर्मचारियों के सामने वेतन का संकट खड़ा हो सकता है।
जल
निगम के कर्मचारी नेता अजय पाल सिंह सोमवंशी ने बताया कि अभी तक
कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। होली पर वेतन मिल पाएगा, इसका पता नहीं
है।
अगर जल निगम को सरकार से सेंटेज की राशि मिली, तभी वेतन की उम्मीद की
जा सकती है।
इस बारे में जल निगम के प्रबंध निदेशक पीके आसुदानी ने बताया
कि होली पर कर्मचारियों को वेतन मिल सके, इसकी पूरी कोशिश की जा रही है।