लखनऊ। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मिले 2.16 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर लाने की कवायद शुरू हुई है। डीएम सूर्यपाल गंगवार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी निवेशक का आवेदन लंबित नहीं होना चाहिए। वहीं निजी औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन लेने पर खरीद से पहले जरूरी प्रक्रिया पूरी कराने की सहमति और प्रक्रिया की लिखित जानकारी भी प्रशासन निवेशकों को देगा।
डीएम ने सोमवार को निवेशकों संग कलेक्ट्रेट में निवेश प्रस्ताव के मुताबिक उद्यमों की स्थापना के लिए समीक्षा की। इसमें निवेशकों से विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में पूछा गया कि क्या उनको कोई दिक्कत आ रही है? निवेशकों को आश्वस्त किया गया कि कोई भी आवेदन अपनी तय समय-सीमा से अधिक समय लंबित नहीं रहेगा। पूरी प्राथमिकता रहेगी कि आवेदन के तुरंत बाद न्यूनतम समय में जरूरी दाखिल खारिज, अनापत्ति, वांछित अभिलेख उपलब्ध करा दिए जाएं। इसके लिए बनाए गए नोडल अधिकारी खुद भी निवेशकों से संपर्क कर उनके आवेदन पर हुई कार्यवाही की जानकारी देंगे। निवेशकों से भी कहा गया कि उद्यम की स्थापना के लिए काम शुरू कराएं। निवेश के प्रस्तावों को शीघ्र धरातल पर लाने हेतु विशेष प्रयास किये जाएंगे।
कोई दिक्कत आए तो सीधे बताएं
डीएम ने निवेशकों से कहा कि उद्यम लगाने, विस्तार या जमीन से जुड़े मुद्दों आदि में कोई दिक्कत आए, कोई अधिकारी समय-सीमा में काम न करे तो इसके लिए सीधे उनसे संपर्क कर इसकी सूचना दें। प्राथमिकता पर उनकी दिक्कत को ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में दूर कराया जाए। जिला प्रशासन निवेशकों को पहले स्थान पर रखकर काम करेगा।