लखनऊ। रहीमाबाद में जमोलिया गांव के किसान की मौत के मामले में पुलिस की अब तक की जांच में हत्या के सुबूत नहीं मिले हैं। चश्मदीद और सूचना देने वाले ने बयानों में हादसे में किसान की मौत होने का दावा किया है। पुलिस को जो साक्ष्य मिले हैं वह भी हादसे की ओर इशारा कर रहे हैं। पुख्ता साक्ष्य जुटाने के बाद ही पुलिस मामले में कार्रवाई करेगी।
जमोलिया गांव निवासी राजेश (46) बुधवार सुबह खेत जाने के लिए घर से निकले थे। कुछ देर बाद ही खेत के पास सड़क पर वह लहूलुहान मिले थे। डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि थार गाड़ी से आए छह लोगों ने धारदार हथियार से वार कर राजेश की हत्या की है। पुलिस ने थार नंबर, चालक राहुल व पांच अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
डीसीपी पश्चिम राहुल राज ने बताया कि मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एक चश्मदीद व सूचनाकर्ता ग्राम प्रधान ने हादसे की बात कही है। वहीं, थार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त मिला है। मौके पर बंपर टूटा पड़ा मिला। डीसीपी का कहना है कि अब तक मिले साक्ष्य से यही लग रहा है कि हादसे में राजेश की जान गई लेकिन फिर भी पूरी तहकीकात की जाएगी। फोरेंसिक जांच भी होगी। तभी आगे की कार्रवाई होगी।
उधर मृतक के परिजन बृहस्पतिवार को आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। वो अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं थे। पुलिस अफसरों ने उन्हें समझाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब दोपहर बाद अंतिम संस्कार किया।
उमरवल गांव में राजगीर मिथलेश की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। संवाद