रायबरेली। बिजली कर्मियों की हड़ताल रविवार शाम भले ही समाप्त हो गई लेकिन फॉल्ट ठीक न होने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं लौट सकी है। 30 फीडरों से जुड़े 150 गांवों में तीन दिन से बिजली का संकट बना हुआ है। वहीं बिजली कटौती झेल रहे उपभोक्ताओं का रविवार को गुस्सा फूट पड़ा।
नाराज लोगों ने शहर के विद्युत उपकेंद्र इंदिरा नगर और शिवगढ़ उपकेंद्र का घेराव कर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। दिनभर हड़ताल के कारण परेशानी हुई हालांकि शाम को कुछ इलाकों में बिजली आने से राहत मिली।
बिजली अभियंता व कर्मचारियों ने 16 मार्च की रात 10 बजे से 72 घंटे के लिए हड़ताल शुरू कर दी थी। हड़ताल के कारण फॉल्ट ठीक नहीं हो रहे थे। इससे जिले में बिजली का संकट खड़ा हो गया था। रविवार शाम भले ही हड़ताल खत्म हो गई लेकिन कुछ इलाकों में फॉल्ट ठीक न होने के कारण आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी।
जिले में 16 विद्युत उपकेंद्रों से निकले 80 फीडरों में से 30 फीडरों से जुड़े इलाकों की रविवार देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। हड़ताल से वापस लौटे कर्मी फॉल्ट खोज रहे हैं। इसके बावजूद 150 गांवों की बिजली गुल है। अब सोमवार को ही इन गांवों में बिजली आने की उम्मीद है।
उधर, हड़ताल के कारण शहर के इंदिरा नगर, आरडीए, कैनाल रोड, विकास नगर, मानस नगर, कानपुर रोड की बिजली आपूर्ति 24 घंटे बाद बहाल हो पाई। इस वजह से रविवार सुबह लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ा। नाराज उपभोक्ताओं ने इंदिरा नगर उपकेंद्र का दोपहर में घेराव किया। संतोष शुक्ला, विजय सिंह, रज्जनलाल, मनोज कुमार, धैर्य शुक्ला, उत्तम शुक्ला ने बताया कि शनिवार दोपहर एक बजे गई बिजली रातभर नहीं आई। इससे पानी के संकट से जूझना पड़ा।
घेराव की जानकारी होने पर क्षेत्राधिकारी वंदना सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंची। लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद लोग शांत हुए। शिवगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक व्यापार मंडल शिवगढ़ के अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी, राकेश त्रिवेदी, पवन मिश्रा, योगेश सिंह, दिनेश शुक्ला, उमाकांत आदि ने बिजली कटौती को लेकर शिवगढ़ विद्युत उपकेंद्र का घेराव किया और जमकर हंगामा काटा। थानाध्यक्ष अरुणेश कुमार ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। इंदिरा नगर और शिवगढ़ की बिजली बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
दो दिन से नहीं आई बिजली
सरेनी (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र में 81 गांवों में शुक्रवार से बिजली संकट बना हुआ है। इस वजह से पेयजल संकट भी गहराया गया। सरेनी, हसनापुर, गौतमन खेड़ा, चक मनिया आदि गांव ऐसे हैं जहां जलापूर्ति सरकारी पानी की टंकी से होती है। लगातार दो दिनों से बिजली नहीं आने से लोगों को हैंडपंपों पर लाइन लगानी पड़ी। इन गांवों में रविवार शाम छह बजे बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी।
देर रात तक बहाल हो जाएगी बिजली
विद्युत कर्मचारी संयुक्त समिति के सह संयोजक युद्घवीर ने बताया कि वार्ता के बाद जिले में हड़ताल समाप्त कर दी गई है। अभियंता व कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्र में काम पर लग गए हैं। टीमें बिजली आपूर्ति बहाल कराने में जुटी है। देर रात तक सभी गांवों की बिजली आपूर्ति पटरी पर लौट आएगी।