रायबरेली। सांसद सोनिया गांधी के प्रयास से जिले में निर्माणाधीन रिंगरोड पर नौ साल बाद भी फर्राटा भरने का सपना अब तक पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण पूरा नहीं होने से एक ओर जहां शहरवासियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है, वहीं हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइनें लग रही हैं।
इसका निर्माण वर्ष 2014 में शुरू हुआ था। काम कराने के लिए कई कंपनियां आईं। आधा अधूरा काम छोड़कर भाग गईं। मौजूदा समय में एनएच डिवीजन लखनऊ की ओर से मेसर्स महाकाल एजेंसी काम करा रही है। धीमी रफ्तार की वजह से काम में तेजी नहीं आ रही है। करीब 17 किलोमीटर रिंगरोड रायबरेली-अयोध्या रोड, रायबरेली-सुल्तानपुर रोड, रायबरेली-जौनपुर रोड, रायबरेली-लखनऊ, रायबरेली-प्रयागराज से जोड़ेगा। लखनऊ रोड पर हरचंदपुर के निकट डिडौली से शुरू होती है और प्रयागराज हाईवे पर कुचरिया गांव के निकट मिलती है। रिंगरोड का निर्माण पूरा नहीं होने से सभी वाहन लखनऊ-प्रयागराज हाईवे से निकलते हैं। इससे जाम की समस्या बनी रहती है।