एसटीएफ व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने एक साझा अभियान में बुधवार को मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के नौ लोगों को दबोच लिया। इनके पास से 11.338 कुंतल गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत 2.75 करोड़ है।
एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से गांजे की खेप प्रयागराज आने वाली है, जिसकी डिलीवरी नैनी में किसी को होनी है। इस पर एसटीएफ व एनसीबी की साझा टीम ने वहां जाकर नौ लोगों को दबोच लिया। यह लोग ट्रक में भूसे के बोरों के बीच गांजा छिपा कर ला रहे थे। एसटीएफ ने मौके से प्रयागराज निवासी शिवम गुप्ता, राधे श्याम गुप्ता व राजेश गुप्ता और कुशीनगर निवासी विनोद कुमार पटेल, अभय राय, राजन राय, रितेश राय, मनोज सिंह व सुनील वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि कुशीनगर निवासी गुड्डू राय उर्फ विजय राय एक वर्ष से विशाखापट्टनम में रहकर यूपी के विभिन्न जिलों में गांजा की खेप भिजवाता है। गिरफ्तार सुनील वर्मा का बड़ा भाई रमाशंकर वर्मा व राधेश्याम गुप्ता मिलकर गांजा तस्करी का काम करते थे।
रमाशंकर वर्मा की मृत्यु लगभग आठ वर्ष पूर्व हो गई। इस बात की जानकारी गुड्डू राय को हुई तो उसने सुनील वर्मा के माध्यम से राधेश्याम गुप्ता से संपर्क किया और वह भी गांजा की तस्करी करने लगा। बुधवार को जो गांजा पकड़ा गया वह राधेश्याम की डिमांड पर गुड्डू राय द्वारा भेजा गया है। यह गांजा ट्रक में भूसे के बोरों के बीच में छिपाकर मनोज, राजन राय व विनोद पटेल द्वारा विशाखापट्टनम के पेनदुरती नामक स्थान से लाया गया था, जिसकी डिलीवरी लेने के लिए राधेश्याम गुप्ता की ओर से शिवम, रितेश, अभय, राजेश व सुनील आएग थे। इसी दौरान सबको पकड़ लिया गया।