एक ओर तो सरकार मेट्रो परियोजना का अधिक से अधिक प्रचार करना चाहती है, वहीं एलएमआरसी के बदलते निजाम ने जानकारियों को गोपनीय रखने का फैसला कर लिया है।
इसकी शुरुआत मीडिया से दूरी बना कर की जा रही है। पूर्व में एलएमआरसी की बोर्ड मीटिंग से संबंधित जानकारियां एमडी के स्तर पर मीटिंग से पहले ही मीडिया को दी जाती थी।
इस बार इसको पूरी तरह से गोपनीय रखा गया। इसके अलावा नए एमडी ने अब तक अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक नहीं किया है।
कुमार केशव ने 19 अगस्त को जॉइनिंग और इसके बाद 21 अगस्त को श्रीधरन के आने पर कहा था कि उनके पास अभी तक उनका अस्थाई नंबर है।
स्थाई आते ही वे उपलब्ध करा देंगे। ऐसा अब तक नहीं किया गया है। सीक्रेट मीटिंग में अफसरों के नाम पर मंथन
प्रबंध निदेशक कुमार केशव का इस पद के लिए अनुमोदन बुधवार को लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के बोर्ड ने कर दिया।
इसके अलावा प्रधान सलाहकार डॉ. ई. श्रीधरन को निदेशकों की भर्ती प्रक्रिया में चयन समिति के सदस्य के तौर पर शामिल कर लिया गया है।
बड़े ही गोपनीय तरीके से एलएमआरसी की बैठक की गई। जिसकी मीडिया को भनक तक लगने नहीं दी गई। मात्र एक बयान के जरिए मीडिया को जानकारी दे दी गई।