एलडीए ने वजीर हसन रोड पर गिरने वाली अलाया अपार्टमेंट के जिन छह दोषियों की सूची तैयार की थी, उसे मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने खारिज कर दिया है। मंडलायुक्त ने एलडीए पर अवैध अपार्टमेंट को संरक्षण देने वालों को बचाने का आरोप लगाया और निर्देश दिए कि अभियंताओं को भी दोषियों की सूची में शामिल किया जाए। इस निर्देश के बाद एलडीए ने बृहस्पतिवार से अलाया अपार्टमेंट के दोषियों को नये सिरे से चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मंडलायुक्त ने 20 फरवरी को उपाध्यक्ष डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, सचिव पवन कुमार गंगवार एवं जोनल प्रवर्तन प्रभारी रामशंकर को अलाया अपार्टमेंट के दोषियों की बनाई गई सूची को लेकर बुलाया था। एलडीए ने इसके लिए छह लोगों को दोषी होने का आरोप लगाया, जिसमें विहित प्राधिकारी राकेश कुमार मिश्र, एक्सईएन प्रदीप कुमार, एई अजीत कुमार, जेई रजनीश श्रीवास्तव, मोहनचंद सती, धनीराम शामिल थे। ये सभी अलाया अपार्टमेंट के निर्माण के दौरान तैनात रहे थे। एलडीए की जांच में सुपरवाइजर को छोड़ दिया गया। मंडलायुक्त ने दोषियों की इस सूची को खारिज करने के निर्देश दिए और कहा प्रकरण की नये सिरे से जांच की जाए। इस जांच में उन अभियंताओं को भी शामिल किया जाए, जो अवैध रूप से बनने के बाद अलाया अपार्टमेंट पर बुलडोजर चलाने से पीछे हटे। ऐसे लापरवाह अभियंता भी दोषी, जो गुपचुप तरीके से उसके भीतर निर्माण करा रहे थे। नये सिरे से अलाया के दोषियों की पहचान शुरू कर दी गई है।