लखनऊ। दुबग्गा में अस्पताल खोलने के नाम पर एक व्यक्ति को उसके भांजे ने ही एक करोड़ 87 लाख रुपये का चूना लगा दिया। बृहस्पतिवार को डीसीपी पश्चिमी के आदेश पर पुलिस ने एक नामजद व चार अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं, महानगर व हसनगंज कोतवाली में भी झांसा देकर रकम हड़पने के मामले में दो एफआईआर दर्ज हुई हैं।
सलेमपुर के अमेठिया निवासी किसान शफीक के मुताबिक उनके भांजे जाहिद हुसैन ने दुबग्गा में अस्पताल खोलने के लिए उनसे दो करोड़ रुपये मांगे थे। इस पर शफीक ने जाहिद को एक करोड़ 71 लाख रुपये दे दिए। अस्पताल खुलने के बाद शफीक को पता चला कि जाहिद ने जालसाजी कर उनकी एफडी पर 16 लाख रुपये लोन भी ले लिया है। रुपये वापस मांगने पर जाहिद व उसके चार साथियों ने घर में घुसकर शफीक की पिटाई कर दी। शफीक से बची हुई जमीन भी जाहिद के नाम करने को कहा गया। विरोध पर आरोपियों ने उनका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की।
महानगर के विवेकानंदपुरी निवासी सोमवीर सिंह के मुताबिक 31 अक्तूबर 2022 में उनकी मुलाकात वरुण मिश्र से विभूतिखंड के श्याम टावर स्थित उनके कार्यालय में हुई थी। वरुण ने शेयर मार्केट में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा दिया था। इस पर उन्होंने पांच लाख रुपये निवेश कर दिए। मगर तय समय बीतने के बाद भी न तो मुनाफा मिला और न ही रकम वापस मिली। सोमवीर ने महानगर कोतवाली में वरुण मिश्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
निरालानगर निवासी मोहम्मद आरिफ से गौरव कुमार नामक साइबर जालसाज ने ई कार्ट कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 70 हजार रुपये ऐंठ लिए। हसनगंज पुलिस एफआईआर दर्ज कर छानबीन कर रही है।