रायबरेली। जगतपुर कोतवाली क्षेत्र में सलोन रजबहे से निकाली गई सिल्ट की चोरी के मामले में दो सींचपालों की भूमिका संदिग्ध होने पर उन्हें हटाने की संस्तुति की गई है। सहायक अभियंता ने अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर दोनों सीचपालों को दूसरे उपखंड में तैनात करने की मांग की है।
सहायक अभियंता ने दोनों सींचपालों से सिल्ट गायब होने के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी थी, लेकिन कार्य में शिथिलता बरती गई। लेखपाल ने सिल्ट चोरी करने का मामला जगतपुर थाने में दर्ज कराया है।
डलमऊ पंप कैनाल से निकले सलोन रजबहे की सफाई के बाद निकाली गई सिल्ट चोरी की जा रही है। इलाकाई लोगों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शिकायत की थी। इस पर सहायक अभियंता शिवशंकर ने सींचपाल उमाकांत शुक्ला व रामबहादुर को कार्रवाई के निर्देश दिया थे, लेकिन कार्य में शिथिलता बरती गई।
यही वजह है कि सिल्ट चोरी का सिलसिला जारी रहा। 18 जनवरी को ग्रामीणों की शिकायत पर सलोन के लेखपाल ने मौके पर छापा मारा तो ट्रैक्टर-ट्राली में सिल्ट भरी जा रही थी। पुलिस ने लेखपाल आलोक प्रताप सिंह की तहरीर पर सिल्ट चोरी कर रहे देवेश सिंह निवासी पूरे अमेठियन मजरे शहरी गांव के खिलाफ लोक संम्पति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ने बताया कि दोनों सींचपालों को उपखंड से हटाने के लिए अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा गया है।