लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की डॉ. शिखा अग्रवाल और डॉ. प्रीति गुप्ता के मुताबिक, ग्लूकोमा की बीमारी में लापरवाही बरतने पर आंख की रोशनी जा सकती है। वे सोमवार को संस्थान में ग्लूकोमा सप्ताह के दौरान हुए जागरूकता कार्यक्रम में बोल रही थीं। डॉ. शिखा ने बताया कि ग्लूकोमा एक गंभीर नेत्र रोग है, जो ऑप्टिक तंत्रिका को नुकसान पहुंचाता है। केजीएमयू के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. रजत मोहन श्रीवास्तव ने ग्लूकोमा में स्मार्ट फोन उपकरणों की भूमिका पर चर्चा की। डॉ. प्रोलिमा ठाकर, डॉ. सबरी पाल और डॉ. इंदु अहमद आदि ने भी जानकारी साक्षा की।