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Lucknow News: दो माह में बदली नीरू की जिंदगी, अब सैलून चेन खोलने की तैयारी

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लखनऊ। नीरू तिवारी...जी हां वही नीरू जो दो महीने पहले लोक भवन में मुख्यमंत्री के चेक वितरण समारोह में प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत दस लाख रुपये का चेक लेने पहुंची थीं। इतनी बड़ी खुशी के बावजूद नीरू गम के बोझ तले दबी थीं क्योंकि उन्हें छोटी सी रकम के एवज में सवा लाख रुपये घूस बैंक अफसरों को देनी पड़ी थी।
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‘अमर उजाला’ ने उनके दर्द को महसूस किया और प्रमुखता से प्रकाशित किया। नतीजा ये निकला कि न केवल बैंक प्रबंधन ने रात में बैंक खोलकर नीरू को लोन का पैसा दिया बल्कि दोषी अफसरों पर सख्त कार्रवाई की। खलबली मची तो आधी रात को अज्ञात लोग नीरू के घर गए और हाथ जोड़कर घूस के सवा लाख रुपये लौटा दिए। संभवत: घूस की रकम माफी मांगकर लौटाने का ये अपने आप में अनूठा मामला था। आज इसी रकम ने नीरू की जिंदगी बदल दी है। इसका गवाह है उनका हौसला और आत्मविश्वास, जिसके दम पर छोटी सी कोठरीनुमा जगह में पार्लर चलाने वाली नीरू आज अपने नाम की सैलून चेन खोलने की तैयारी कर रही हैं।
कहने को ये मामला केवल एक महिला से जुड़ा है। पर, इस एक मामले ने पूरे सिस्टम की स्याह तस्वीर सामने रख दी। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में चेक लेने गई महिला को भ्रष्ट सिस्टम ने नहीं बख्शा तो आम लोगों की स्थिति समझी जा सकती है। हालांकि इस खुलासे के बाद देशभर में इतनी खलबली मची कि सभी बैंकों ने मॉनिटरिंग सिस्टम लागू कर दिया। एक-एक लोन केस को डिजिटल कर उसका फॉलोअप खुद शीर्ष अधिकारी कर रहे हैं। इस खुलासे के बाद दो महीने में बैंकों ने सरकारी लोन योजनाओं की बेवजह पेंडेंसी को लगभग शून्य कर दिया है।
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नीरू दे रहीं अब दूसरों को रोजगार
घूसकांड के दो महीने बाद नीरू तिवारी से बात की गई तो पता चला कि उनकी जिंदगी तेजी से बदली है। पहले छोटी सी कोठरी में अकेले पार्लर चलाने वाली नीरू के पास कभी-कभी एक भी ग्राहक नहीं आता था। लोन मिलते ही उन्होंने बड़ी जगह लेकर ‘कॉफर यूनीसेक्स सैलून’ खोल दिया। इसमें चार लोगों को रोजगार भी मिला। एक दर्जन बेटियों को प्रशिक्षण दे रही हैं। रोजाना 15 से 20 लोग उनके सैलून में आ रहे हैैं। बेहतर सर्विस के लिए अपनी कमाई से तेजी से विदेशी मशीनें खरीद रही हैं। आसानी से लोन की किस्त जा रही है। अब उनका अगला लक्ष्य अगले एक साल में एक या दो नए सैलून खोलना है। खास बात ये कि घूस के सवा लाख रुपये उन्होंने उधार मांगकर दिए थे, जिससे वह मुक्त हो गईं। कितनी बदली जिंदगी...जवाब में नीरू ने कहा कि मैं तो बिल्कुल टूट गई थी लेकिन अब जिंदगी ख्वाब से ज्यादा खूबसूरत है।
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