लखनऊ। आरटीओ कार्यालय में आठ जून से डीएल संबंधी काम दोबारा शुरू होंगे। लॉकडाउन की वजह से यह काम 21 मार्च से बंद था। पहले चरण में केवल लर्निंग लाइसेंस बनवा चुके लोगों को परमानेंट डीएल के लिए ही बुलवाया जाएगा। इसके लिए एनआईसी ने परिवहन विभाग के सुझाव पर सारथी सॉफ्टवेयर में बदलाव किया है। आरटीओ कार्यालयों में भीड़ न हो, इसके लिए 33 प्रतिशत आवेदकों को ही बुलाया जाएगा। परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने बताया कि लाइसेंस प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से सोमवार से शुरू होगी। लर्निंग डीएल की वैधता एक फरवरी के बाद खत्म होने वाले आवेदकों की डीएल की वैधता 30 जून कर दी गई है। इनके स्थायी डीएल आवेदन 30 जून के बाद लिए जाएंगे। वहीं, अभी नए लर्निंग लाइसेंसों के लिए आवेदन नहीं किया जा सकेगा। लंबित आवेदनों को पहले और दूसरे चरण में पूरा किया जाएगा। इसके बाद परमानेंट डीएल वालों के रिन्यूअल का काम किया जाएगा। रोजाना 100 से 125 लाइसेंस बनाए जाएंगे। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक पहली शिफ्ट, दोपहर 12.30 से 2.30 बजे तक दूसरी और दोपहर 3.00 से शाम 5.00 बजे तक तीसरी शिफ्ट होगी।