लखनऊ। एनसीईआरटी के पाठयक्रम में रामायण और महाभारत को शामिल किए जाने के प्रस्ताव पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य व इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि पाठ्यक्रम में कुरान और बाइबिल को भी शामिल किया जाए।
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि मजहब-ए-इस्लाम का हुक्म है कि दुनिया के तमाम धर्म, धार्मिक शख्सियतों और धार्मिक किताबों की इज्जत करना है। कहा, एनसीईआरटी के पाठयक्रम में महाभारत और रामायण को शामिल करने के प्रस्ताव पर किसी को एतराज नहीं हो सकता है लेकिन दूसरे मजहब की किताबें कुरान, बाइबिल और अन्य धार्मिक किताबों को भी शामिल किया जाना चाहिए। मौलाना ने कहा कि हमारा देश सेक्युलर है, इसलिए किसी भी प्रदेश का कोई धर्म नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी एक धर्म को प्रमोट नहीं किया जाना चाहिए। मौलाना ने कहा कि बच्चा कौन सी धार्मिक किताब पढ़ना चाहता है, इसका ख्याल रखा जाना चाहिए।